बुलंदशहर हिंसा के दो दिन बीत जाने के बाद विश्व हिंदू परिषद् ने बुधवार को इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” करार देने के साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस इलाके में अवैध गोकशी रोकने में नाकाम रही थी। बुलंदशहर जिले के स्याना इलाके में दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं समेत करीब 400 लोगों की भीड़ की सोमवार को पुलिस के साथ झड़प हुई थी। यह हिंसा पास के जंगल में गाय के कंकाल होने की जानकारी मिलने से दक्षिणपंथी समूहों के कार्यकर्ताओं के आक्रोशित होने के बाद भड़की। इस हिंसा में एक पुलिस निरीक्षक और एक युवक की मौत हो गई थी।गुस्साई भीड़ ने इस दौरान पुलिस पर पथराव करते हुए पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी थी और उन पर गोलियां भी चलाईं थीं। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस हिंसा में स्याना के थाना प्रभारी सुबोध कुमार सिंह और 20 वर्षीय युवक सुमित कुमार की मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद बयान जारी करते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा, “किसी भी लोकतंत्र में हत्या की कोई जगह नहीं हो सकती, लेकिन जिस तरह से मीडिया के एक धड़े ने बिना तथ्य जांचे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए एक खास विचारधारा को दोषी ठहराने की कोशिश है, वह बहुत अनुचित है।”उन्होंने कहा कि विहिप इस साजिश की कड़ी भर्त्सना करती है जो स्वार्थ साधने के उद्देश्यों से प्रेरित लगती है। विहिप नेता ने कहा, “गोकशी के चलते समुदाय में गुस्सा था। गांववासी धरने पर बैठ गए और गोकशी के अपराधियों की गिरफ्तारी तक वहां से नहीं उठने की कसम खाई।” जैन ने दावा किया कि वे स्थानीय गांव वाले थे और उनका किसी संगठन से कोई संबंध नहीं था।

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