मोदी सरकार आम नागरिकों को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को और ज्यादा सरल बनाने के संकेत दिए हैं। जिसका फायदा व्यापारी वर्ग को भी होगा। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि 99 प्रतिशत सामान या चीजें जीएसटी के 18 प्रतिशत के कर स्लैब में रहें। जबकि 28 फीसदी टैक्स स्लैब में सिर्फ लग्जरी सामान ही रहेगा।

 

एक निजी टीवी चैनल के सम्मिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘हमारे देश में दशकों से जीएसटी की मांग थी। आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद बाजार की विसंगतियां दूर हो रही हैं और सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ रही है। अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता की तरफ हम बढ़ रहे हैं।’ पीएम ने कहा, ‘आज, जीएसटी व्यवस्था काफी हद तक स्थापित हो चुकी है और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं जहां 99 प्रतिशत चीजें जीएसटी के 18 प्रतिशत कर स्लैब में आएं।’ उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी के उपयोग वाली सभी वस्तुओं समेत 99 प्रतिशत उत्पादों को जीएसटी के 18 प्रतिशत या उससे कम कर स्लैब में रखा जाए।

 

उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि उद्यमों के लिये जीएसटी को जितना अधिक से अधिक सरल किया जाना चाहिए।’ गौरतलब हो कि नवंबर में जीएसटी संग्रह मासिक लक्ष्य से 4,000 करोड़ रुपए कम रही। हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि नवंबर में जीएसटी राजस्व संग्रह 97,637 करोड़ रुपए था, जबकि अक्टूबर में 1 लाख करोड़ रुपए अधिक जीएसटी राजस्व संग्रह हुआ था। वित्त मंत्रालय का मासिक लक्ष्य लगभग 1 लाख करोड़ रुपए होता है। 

 

जबकि वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में जीएसटी संग्रह 13.48 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है। देशभर में मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को कर व्यवस्था में सुधार हेतु वन नेशन-वन टैक्स यानि जीएसटी लागू की। गत 21 जुलाई को जीएसटी परिषद ने रेफ्रिजरेटर, वाशिग मशीन और छोटे टेलीविजन सहित कई सामानों पर जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया। वहीं कर की दरों में कटौती करने के अलावा जीएसटी परिषद ने कई सामानों पर से कर समाप्त कर दिया था, जिसमें सैनिटरी नैपकिन, राखी, फोर्टिफाइड मिल्क और पत्थर, मार्बल और लकड़ी से बनी मूर्तियां आदि शामिल थी।

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