राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 9 अगस्त क्रान्तिकारियों का दिन है। अंगेजों की बर्बरता, अत्याचार और अनावश्यक उत्पीड़न से छुटकारा पाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अंग्रेजो भारत छोड़ो का बिगुल आज ही के दिन बजाया था। रालोद भाजपाइयों द्वारा किसानों, गरीबों, युवाओं एवं मजदूर वर्ग के अनावश्यक उत्पीड़न एवं ज्यादती के खिलाफ भाजपाइयों गद्दी छोड़ो के साथ देश और प्रदेश की जनता का आह्वान कर रहा है कि समस्त जनता जनार्दन एकजुट होकर देश में किसान मसीहा चौ. चरण सिंह के सपनों का भारत बनाने में आगे बढ़कर सहयोग करे तथा चौ. अजित सिंह के अथक प्रयासों को साकार रूप दे।

डॉ. अहमद ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 2014 के लोकसभा चुनाव के समय देश की जनता को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए थे जिनमें प्रमुख रूप से विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने, सभी देशवासियों के खातों में उस काले धन का हिस्सा 15-15 लाख रुपए जमा कराने, बेरोजगार युवाओं को 2 करोड़ नौकरियां प्रतिवर्ष देने, किसानों की आय दुगुनी करने आदि शामिल थे परन्तु एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया और चारों ओर हताशा और निराशा से ग्रस्त लोग अपना जीवन बिताने के लिए मजबूर हैं।

किसानों की यूरिया खाद की बोरी वर्ष 2014 में 150 रुपए की थी और वजन 50 किलो था। इसी प्रकार डाई की बोरी 550 रुपए की थी और वजन 50 किलो था अब दोनों का ही वजन 5-5 किलो कम करके कीमत क्रमश: 340 और 1150 रुपए कर दी गई। ऐसी दशा में एम.एस.पी. का कोई लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। डीजल और पैट्रोल के दाम पेट्रोलियम कम्पनियों को अधिकार देने के फलस्वरूप लगातार बढ़ते चले गए जिससे सिंचाई भी महंगी हो गई जबकि 2014 में प्रधानमंत्री चुनाव पूर्व भाषणों में कहते थे कि पेट्रोल 35 रुपए लीटर लेना है या 80 रुपए।

उन्होंने कहा कि रालोद के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह की प्रेरणा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की अगुवाई में दल द्वारा प्रत्येक जनपद में विगत 13 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक लगातार पोल खोल धावा बोल के रूप में आंदोलन चलाया जा रहा है। 13 अगस्त को प्रत्येक जनपद के बिजली घर 33/11 के विद्युत सब स्टेशनों का घेराव और प्रदर्शन राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाएगा।

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