दलित नेता एवं गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी ने केंद्र सरकार पर संविधान एवं कानून की धज्जियां उड़ाने और दलित विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया है। मेवानी ने वाराणसी में आयोजित ‘नव दलित सम्मलेन’ को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी जमकर बोला। इस दौरान मेवानी ने कहा कि अगर मायावती लोकसभा चुनाव में नेतृत्‍व करती हैं तो नरेंद्र मोदी की घर वापसी तय है।उन्होंने कहा कि गत 4 वर्षों में जिस प्रकार से दलितों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है, ऐसा आजादी के बाद कभी नहीं हुआ। गत 9 अप्रैल के भारत बंद के दौरान सैंकड़ों दलितों पर झूठे मुकदमे दायरे किए गए। अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले दलितों को निशाना बनाने का सिलसिला जारी है। हालत ये है कि दलित आंदोलन को आर्थिक मदद देने वाले अधिकारियों को खोज-खोज कर परेशान किया जा रहा है। मेवानी ने कहा कि केंद्र सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों एवं लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सामाजिक संगठनों को मिलकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बेदखल करना होगा।सभा के बाद विधायक मेवानी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व को स्वीकारने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि बहनजी के एक तरफ जिग्नेश और दूसरी तरफ चंद्रशेखर रावण खड़ा होगा, तो उनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान बदमाशों को पकड़ने के नाम पर फर्जी मुठभेड़ में गरीबों एवं दलितों को मारा जा रहा है। उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है।

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