उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के एक बयान पर आज पलटवार करते हुए चुनौती दी कि पांडेय को कार्रवाई करने से कौन रोक रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य में भी भाजपा के साथ ही रहेंगे।      

राजभर ने फोन पर बातचीत में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया दी। पांडेय ने कल राजभर का नाम लिये बिना कहा था कि वह मंत्री पद का दायित्व निभायें और संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। इस पर राजभर ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को कार्रवाई करने से किसी ने रोका है क्या? उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के बयान को नासमझी का बयान करार दिया।   

दरअसल पांडेय ने कल लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा था,‘‘हम देश की सबसे बड़ी पार्टी हैं। सहयोगी दलों से सहयोग और सामंजस्य बनाकर चलेंगे। विषय जेहन में है। व्यक्तिगत तौर पर समझाने का प्रयत्न हुआ है। हमारी नीति रही है कि सहयोगी को वार्ता के जरिए संभाल लेंगे।’’   

उनसे सवाल किया गया था कि भाजपा खुद को अनुशासित पार्टी मानती है लेकिन प्रदेश में उसके सांसद, विधायक और मंत्री सरकार और पार्टी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और तमाम आरोप लगा रहे हैं।  

पांडेय ने कहा,‘‘सभी सहयोगी हमारे साथ हैं। एक सज्जन आदतवश ऐसा कर रहे हैं। उनसे आग्रह है कि वह मंत्री पद का दायित्व निभायें और संयमित भाषा का इस्तेमाल करें।’’ उन्होंने कहा था कि (अन्यथा) उचित समय आने पर जो भी कदम उठाने की आवश्यकता होगी, पार्टी उठाएगी।  उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के बयानों से विवाद उठ खड़ा हुआ है।  राजभर भी समय-समय पर अपने बयानों से सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा करते रहे हैं।  

राजभर ने कहा कि वह सरकार में रहकर पिछड़े वर्ग, गरीब व दलित समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाई-भाई में लड़ाई होती है, उसी तरह उनकी लड़ाई भाजपा से है। उन्होंने एक सवाल के जबाब में स्पष्ट किया कि वह भाजपा के साथ ही भविष्य में भी रहेंगे तथा उनका गठबंधन 2024 तक रहेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बातचीत बेनतीजा रही है, राजभर ने कहा कि शाह से बातचीत के बाद भी अभी भाजपा की तर$फ से केवल बातें कही जा रही हैं। अभी तक पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को तीन श्रेणी में विभाजित करने के लिये कोई कदम नहीं उठाया गया। 

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