सनातन धर्म में किसी भी मंगलसूचक काम का आरंभ करने से पहले ग्रह और नक्षत्रों की चाल देखने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। शुभ मुहूर्त को देखने के बाद ही विवाह, गृहप्रवेश, खरीद-फरोख्त के काम किए जाते हैं। इससे कार्य की शुभता में वृद्धि होती है। 14 मार्च 2018 की रात 11 बजकर 42 मिनट से सूर्य राशि परिवर्तन करेंगे। अभी वह कुंभ राशि में हैं, 5 दिन बाद वह मीन राशि में गोचर करेंगे। साथ ही मलमास का आरंभ हो जाएगा और शुभ कार्यों पर भी विराम लग जाएगा। 14 अप्रैल 2018 तक कोई भी शुभ मुर्हूत नहीं रहेगा। अत: आपको जो भी शगुनों वाले अथवा मंगल कार्य करने हैं, वो जल्द से जल्द निपटा लें।


ज्योतिष विद्वान कहते हैं मलमास में कोई भी मंगलमय कार्य नहीं करना चाहिए। सूर्य द्वादश राशियों में एक-एक महीने तक वास करते हैं। हर माह उपरांत अपनी चाल बदलते हैं। जब ये गुरु की राशियों धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो मलमास का आगाज होता है। शुभ काम करने के लिए सूर्य और गुरु का शुभ स्थिति में होना अनिवार्य माना जाता है अन्यथा कार्य की पूर्णता में संदेह बना रहता है। अविवाहित जब विवाह बंधन में बंधे तो उससे पहले वर को सूर्य का प्रभाव और वधू के लिए गुरु का बलवान होना अवश्यक है। उसके बाद ही शुभ मुहूर्त निकाला जा सकता है।

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