INX मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा दिया झटका दिया है। कोर्ट ने अपने निर्देशों से साफ किया कि कार्ति चिदंबम को किसी तरह की कोई रियायत नहीं दी जा सकती है। अदालत के आदेश के बाद कार्ति ने अंतरिम जमानत के लिए एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

हाईकोर्ट पहुंचे कार्ति चिदंबरम
INX मीडिया मामले में कार्ति चिदंबरम की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कार्ति के समन को रद्द करने की अपील को ठुकरा दिया है। वहीं दूसरी और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लेकर कार्ति ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है।

नोटिस से जांच पर नहीं कोई असर
कार्ति चिदंबरम मामले पर कोर्ट में अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। अदालत की अगली सुनवाई में कार्ति के समन पर विचार हो सकता है। वहीं अदालत ने साफ किया कि नोटिस का असर किसी भी जांच पर नहीं पड़ेगा। कार्ति की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हम हर प्रकार का सहयोग करने को तैयार हैं, और ऐसा कर भी रहे हैं। हमें बस चिंता है तो गिरफ्तारी की।

दरअसल, कार्ति ने कोर्ट में याचिका दायर कर INX मीडिया मामले में उसके खिलाफ ईडी द्वारा दिए गए समन को रद्द करने की मांग की गई। कार्ति ने यह कहकर समन को चुनौती दी कि ईडी को सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर इस प्रकार का समन जारी करने का अधिकार नहीं है। कार्ति ने याचिका में यह भी कहा है कि सीबीआई और ईडी ने जो भी पूछताछ की है। वो एफआइआर में दर्ज नहीं है। कार्ति का केस कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल लड़ रहे हैं। 

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