सावन के महीने का इंतजार सभी महिलाओं को बड़ी बेसब्री से होता हैं। सावन के महीने आने वाले त्योहार को हरियाली तीज से भी जाना जाता हैं। तीज पर महिलाएं मां पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं। सुहागिनें अपनी शादीशुदा जिंदगी व पति की लंबी उम्र की कामना और कुंवारी महिलाएं योग्य वर प्राप्त करने के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। 

 

वहीं इस दिन महिलाएं लाल, हरे, पीले, गुलाबी जैसे ब्राइट कलर के कपड़ें पहनती हैं। हाथों में हरे रंग की चूूड़ियां पहनती हैं लेकिन आप जानते है कि सावन में हरे रंग की चूड़ियां पहनने की वजह क्या हैं? आइए जानते हैं सावन के खास महीने में लड़कियां क्यों पहनती हैं हरे रंग की चुड़ियां। 

 

 

1. शादीशुदा जीवन में खुशहाली
जिस प्रकार लाल रंग को शादीशुदा महिला के खुशिहाल जीवन और सौभाग्य का प्रतीक कहा जाता है, उसी तरह हरे रंग का भी जीवन में खास महत्व माना जाता हैं। दरअसल, सावन में लड़कियां हरे रंग की चूडियां इसलिए पहनती है, ताकि उन्हें पति की लंबी आयु के लिए शिव जी का आशीर्वाद मिल सकें। 

 

2. करियर में सफलता
बुध ग्रह हर किसी के करियर से जुड़ा होता है। वहीं बुध को हरा रंग बड़ा प्रिय होता है। इसलिए इस रंग की चूड़ियां पहनने से कार्यश्रेत्र में सफलता प्राप्त होती है और करियर अच्छा बना रहता हैं।

 

3. सौभाग्य का प्रतीक
भगवान शिव को प्रकृति की सुंदरता में बैठकर ध्यान लगाना बहुत ही पसंद था। इसलिए सावन में महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां व कपड़े पहनकर महादेव को प्रसन्न करती हैं, ताकि महावदेश की कृपा उनपर हमेशा बनी रहे। 

 

4. प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना
सावन में हर तरफ हरियाली छा जाती है। इसलिए प्राकृति की पूजा करने के लिए कई तरीके अपनाए जाते है। वहीं महिलाएं प्राकृति का आभार व्यक्त करने के लिए हरे रंग की चूड़ियां पहनना शुभ मानती हैं। 

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