होली के 8 दिन पूर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक लग जाता है जो पूर्णिमा तक जारी रहता है। ऐसे में इन 8 दिनों में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। माना जाता है कि होलाष्टक के ये 8 दिन वर्ष के सबसे अशुभ दिन होते है। इसलिए आपको होली से पहले ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जो आपके और घर वालों के लिए अशुभ साबित हो। चलिए जानते है उन कामों के बारे में जिन्हें करने से बचना चाहिए। 

 


बच्चों का नामकरण

शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक यानी होली से पहले बच्चों का नामकरण नहीं करना चाहिए क्योंकि यह अशुभ माने जाते है। होलाष्टक शुरू होने के साथ ही 16 संस्कार जैसे जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। 

 

नया घर ना खरीदें

होलाष्टक के दौरान ना तो नया घर खरीदना चाहिए और ना ही नए घर में प्रवेश करना चाहिए। दरअसल, माना जाता है कि इस दौरान नए घर में प्रवेश करने से उस घर में शांति के बदले अंशाति छाई रहती है।

 

कपड़े या ज्वैलरी न खरीदें

होलाष्टक पर नए कपड़े और ज्वैलरी भी नहीं खरीदनी चाहिए। मान्यता है कि इनके चोरी होने की आशंका बढ़ जाती हैं। बेहतर होगा कि इस दिन पुराने कपड़े या ज्वैलरी ही कैरी करें। 

 

शादी-ब्याह का काम 

इसके अलावा होलाष्टक पर विवाह-सगाई जैसे शुभ कार्य ना करें। ऐसा करने से घर में हमेशा कलह-क्लेश और विवाह के टूटने के आसार बने रहते है। अगर आप चाहते है तो कि ऐसा न हो तो इस बात का खास ख्याल रखें।

 

नया व्यापार ना करें

अधिकतर लोग इस बात को नजरअंदाज कर देता है। आपको बता दें कि होलाष्टक पर नए व्यापार की शुरुआत नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे कहीं न कहीं व्यापार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कहीं धन फंस जाता है। 

 

कोई नया वाहन ना खरीदें

होलाष्टक पर नया वाहन भी नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि वाहन इस दिन वाहन खरीदने से उसमें बार-बार खराबी आती है। इसलिए बेहतर होगा कि ऐसे मौके पर कोई भी वाहन न खरीदें। 

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