ट्रेन से सफर करना तो हर किसी को पसंद होता है खासकर हिल स्टेशन में जाते समय। कालका से शिमला जाने के लिए भी ज्यादातर लोग टॉय ट्रेन का सफर चूज करते हैं, ताकि वह खिड़कियों से हसीन वादियों का लुफ्त उठा सकें। ऐसे में यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए भारतीय रेलवे ने पर्यटकों को खास तोहफा दिया है। हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को ट्रेन में बैठे-बैठे देखने के लिए कालका-शिमला नैरो गेज रेल के डिब्बों में खास बदलाव किए गए हैं।कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जल्द ही विस्टाडोम कोच दौड़ाने का फैसला किया है। इस नई ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि इसकी छत कांच की बनाई गई है, ताकि यात्री ट्रेन में बैठे-बैठे बाहर के नजारे को देख सके।

सुरक्षित है इस ट्रेन का मजेदार सफर
पर्यटक कालका से शिमला तक इसमें बैठकर आने वाली वादियों को चारों ओर से निहार सकेंगे। इस ट्रेन का सफर मजेदार होने के साथ-साथ पूरी तरह सुरक्षित भी है। इसके डिब्बों, दरवाजों व खिड़कियों पर सुरक्षा के लिए 12-mm के सख्त शीशे लगाए गए हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रेल के दरवाजों पर स्टील की रेलिंग भी लगाई गई है।डैकोरेशन और फ्लोरिंग
इस ट्रेन के डिब्बों पर खास कपड़ें लगाएं गए हैं। साथ ही कोच के अंदर सुदंर दिखने वाली फ्लोरिंग व लाइटिंग की गई है। इतना ही नहीं, इसमें समय के साथ-साथ तापमान दिखाने वाली मशीन भी लगाई गई है।वैक्यूम टॉयलेट्स जैसी कई सुविधाएं
कालका-शिमला रेलवे सेक्शन पर चलने वाली यह पहली ऐसी सवारी कोच है, जिसमें रोटेटेबल कुर्सियां, हैंगिंग एलसीडी, बायो वैक्यूम टॉयलेट्स जैसी कई सुविधाएं भी दी गई है। इस ट्रेन में कांच के छत के अलावा ट्रेन के डिब्बे को अलग रंग भी दिया गया है। इस कोच का रंग वायलेट व सुनहरे रंगों से किया गया है।पहले ही करवानी होगी बुकिंग
इसमें सफर करने के लिए पर्यटकों को पहले ही बुकिंग करवानी पड़ेगी। पर्यटकों की डिमांड को देखते हुए इस तरह के अन्य कोच भी तैयार किए जा सकते हैं। 

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