उच्चतम न्यायालय में गुरुवार को दूसरे दिन भी आधार की अनिवार्यता मामले में सुनवाई हुई जिसमें याचिकाकर्ताओं ने तीन मुद्दे उठाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने शीर्ष अदालत के समक्ष तीन मुद्दे उठाए, जिनमें आधार बनाने की प्रक्रिया की सम्पूर्णता, सूचनाओं की गोपनीयता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन शामिल हैं।   

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ आधार कार्ड की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। संविधान पीठ में न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण शामिल हैं।  

इससे पहले आधार पर जारी सुनवाई को लेकर दीवान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि आधार नागरिकों के अधिकारों की हत्या कर सकता है। जनता के संविधान को राज्य के संविधान में बदलने की कोशिश की जा रही है। अब इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी। 

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