सरकार गुरूकुल बोर्ड गठित करने के किसी प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं कर रही है, हालांकि वह महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के तहत संचालित कोर्स को मान्यता प्रदान करने की संभावना पर विचार विमर्श कर रही है। लोकसभा में पी आर सुंदरम, जे जयवर्द्धन, धनंजय महाडिक, मोहिते पाटिल विजय सिंह शंकारराव, सुप्रिया सुले, डॉ हीना गावित और राजीव सातव ने सवाल किया था कि क्या मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन स्वायत्त निकाय महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान को किसी बोर्ड से मान्यता नहीं मिली है? सरकार वैदिक प्रमाणपत्रों को अखिल भारतीय मान्यता प्रदान करने के संबंध में कोई पहल कर रही है?

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने लिखित जवाब में बताया कि महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान की ओर से प्रदान की जा रही वैदिक शिक्षा को अभी किसी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान द्वारा चलाये जा रहे कोर्स को मान्यता प्रदान करने की संभावना के बारे में सीबीएसई सहित संबंधित संगठनों के साथ विचार विमर्श कर रही है।

सिंह ने कहा कि सरकार अभी गुरूकुल बोर्ड गठित करने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। मंत्री ने बताया कि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के तहत वेद भूषण और वेद विभूषण कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को देश के संस्कृत विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलता है। इनमें राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नयी दिल्ली, राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरूपति, श्रीवेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय तिरूपति, कर्नाटक संस्कृति विश्वविद्यालय बेंगलूर, जगतगुरू रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर, श्रीसोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय सोमनाथ, श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय कांचीपुरम, गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय तथा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय शामिल हैं।

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